आंस्मा तक जा पहुंची शिक्षा की उड़ान -डबरा का आवासीय विद्यालय | एक नाम जो सेवा का पर्याय बना – विष्णु कुमार जी | स्वयंसेवकों के साहस के सामने भीषण आग ने किया समर्पण - दामूनगर त्रासदी

सेवागाथा - संघ के सेवाविभाग की नई वेबसाइट

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1. विशाल भारत में फैले लाखों लोग चाहते हैं कि, देश के लिए कुछ अच्छा कर सकें, किसी के आँसू पोंछ सकें, किसी का सहारा बन सकें । किन्तु आवश्यकता है किकोई उनका विश्वास जींते  और उन्हें साथ में जोडे़ ।


2. इस वेबसाईट के द्वारा हम उन लोगों को यह विश्वास देना चाहते हैं कि ये ऐसे सेवाव्रतियों की कहानियाँ हैं ,जिनके साथ कदम से कदम    मिलाकर चलते हुए आप भी मानवता की सच्ची सेवा कर सकेंगे

 

3. बड़े बड़े नगरो में उभर रही झुग्गी झोपडियाँ हो ,या सुदूर वनांचलो में बसे भाई-बहन, घुमंतु जनजातियाँ जिनका न कोई घर न ठिकाना, और... अकाल हो या अतिवृष्टी, आतंक हो या दुर्घटना – ऐसी आपदाओं से जूझते लोग.. इन्हें सहयोग का हाथ बढ़ाकर स्वाभिमानी, स्वावलंबी बनाने में लगे हैं, ये सेवा के लिए समर्पित लोग ।


4. ये सेवाकार्य व्यक्ति को समाज के लिए उपयोगी बनाते हैं । जिनकी मदद की जा रही है उनमें दूसरों की मदद करने का भाव जगाते हैं । समाज से ले रहे हर व्यक्ति को समाज के लिए देने का कर्तव्य भाव जगाते हैं । यही इन कार्यों की विशेषता है ।